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Thursday, August 4, 2011

शाख और पत्ते

शाख और पत्ते
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पत्ते रहते अगर शाख के संग जुड़े है
तेज धूप हो,फिर  भी रहते हरे भरे है
मगर शाख से टूट,अलग हो यदि गिर जाते
तो कुम्हलाते और सूख अस्तित्व गवांते
सदा शाख संग जुड़ रहने में हित तुम्हारा
क्योकि वृक्ष की नस नस में है जीवनधारा

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

4 comments:

vishy said...

bahut hi sundar

Rajesh Kumari said...

bahut achcha likha hai.

Neeraj Dwivedi said...

Bahut Acchi Bat kahi aapne

सागर said...

sundar rachna...