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Thursday, August 4, 2011

हरे राम का तोता

आग, पानी से दूर ही रहो,
एक जलाती, एक डुबाती  है;
मत मोलो खतरा,
बोले, हरे राम का तोता।

डर, आलस के पास न जाओ,
एक रोकती, एक रुकवाती है;
आए खतरा तो लडो,
बोले, हरे राम का तोता।

पैसा, लड़की को समझ से झेलो,
एक भागती, एक भगाती है;
जानकारी ही बचाव,
बोले, हरे राम का तोता।

प्यार, दोस्ती को मिक्स मत करो,
एक सवांरता, एक बचाता है;
दोनों का दरकार,
बोले, हरे राम का तोता।

नशा, पढ़ाई के अंत को जानो,
एक गिराती, एक उबारती है;
नशा नहीं थोड़ा भी,
बोले, हरे राम का तोता।

गम, खुशी के भेद को समझो,
 एक रुलाती, एक हँसाती है;
मस्ती ही हो फितरत,
 बोले, हरे राम का तोता।

3 comments:

Neeraj Dwivedi said...

Sacchi Kahi .. apne.

DR. ANWER JAMAL said...

Nice post.

आपने एक गहरी सच्चाई को निहायत आसानी से आखिर कैसे कह दिया ?
हम यही सोच रहे हैं.

टिप्पणी के लेन-देन के पीछे छिपी हक़ीक़त को बेनक़ाब करती हुई एक लाजवाब कहानी
आप क्या जानते हैं हिंदी ब्लॉगिंग की मेंढक शैली के बारे में ? Frogs online

सागर said...

acchi likhi aapne...