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Sunday, July 31, 2011

चूहे का आंदोलन

आजकल तरह तरह के लोग सामने आ रहे हैं। इनमें से कोई लोगों को राजनैतिक मार्गदर्शन दे रहा है और कोई धार्मिक और कोई कह रहा है कि इस दुनिया को केवल आध्यात्मिकता के आधार पर ही सुंदर बनाया जा सकता है और कुछ नास्तिक भी इसी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं।  इनकी हालत बयान करने के लिए एक लतीफ़ा काफ़ी है-   

एक चीता सिगरेट का सुट्टा लगाने ही वाला था की अचानक एक चूहा वहां आया और बोला :

" मेरे भाई छोड़ दो नशा , आओ मेरे साथ भागो देखो ये जंगल कितना खुबसूरत है , आओ मेरे साथ दुनिया देखो "
चीते ने एक लम्हा सोचा फिर चूहे के साथ दौड़ने लगा .

आगे एक हाथी अफीम पी रहा था , चूहा फिर बोला ,
" हाथी मेरे भाई छोड़ दो नशा , आओ मेरे साथ भागो , देखो ये जंगल कितना खुबसूरत है , आओ मेरे साथ दुनिया देखो "
हाथी भी साथ दौड़ने लगा .

आगे शेर व्हिस्की पीने की तैयारी कर रहा था , चूहे ने उसे भी वही कहा .
शेर ने ग्लास साइड पर रखा और चूहे को 5- 6 थप्पड़ मारे .

हाथी बोला , " अरे ये तो तुम्हे ज़िन्दगी की तरफ ले जा रहा है , क्यों मार रहे हो इस बेचारे को ?"
शेर बोला , " यह कमीना पिछली बार भी भांग पी कर मुझे 3 घंटे जंगल मै घुमाता रहा "

5 comments:

vidhya said...

ha ha ha
bahut khub
mast

Rajesh Kumari said...

rochak post.

DR. ANWER JAMAL said...

आपको पसंद आई, हमारी मेहनत वुसूल हो गई.
शुक्रिया !

LAXMI NARAYAN LAHARE said...

सुन्दर भाव ,बहुत खूब ....हार्दिक बधाई ...

Neeraj Dwivedi said...

Bahut khub .. maza aa gaya.