*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Thursday, July 28, 2011

किसी ने समझाई नहीं......



यह बात समझ में आई नहीं 
और किसी ने समझाई नहीं 


मैं कैसे मीठी बात करूँ 
जब मीठी चीज कोई खाई नहीं 

यह चंदा कैसे मामू है 

जब मम्मी के वो भाई नहीं 

नानी के पति जब नाना है 

दादी के पति जब दादा है 

तो 

दीदी के पति क्यों दीदा नहीं नहीं ??? 

समुन्दर का रंग क्यों नीला है 

जब नील किसी ने मिलाई नहीं 

जब स्कूल में निंदी आती है 

क्यों बेड वहाँ रखवाई नहीं ???

यह बात समझ में आई नहीं 

और किसी ने समझाई नहीं.......???? 

नीलकमल वैष्णव"अनिश"  
       उपाध्यक्ष
छत्तीसगढ़ लेखक संघ
(लेखक संघ कोसीर)
www.neelkamalkosir.blogspot.com
09630303010, 09713430999

2 comments:

सदा said...

बहुत बढि़या ...।

vidhya said...

बहुत बढि़या ...।