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Saturday, July 30, 2011

ख़ुशी और दर्द



ये दोस्त भी कभी कभी, अजीब सी बातें किया करते हैं,
लिखो तो ख़ुशी पर लिखा करो, अक्सर कहा करते हैं ,
उन्हें पता है की कोशिश तो, हम भी यही किया करते हैं,
पर क्या करें हम भी, जो ये पन्ने बस दर्द बयां करते हैं॥


4 comments:

vidhya said...

अति सुन्दर

Neeraj Dwivedi said...

THANK YOU VIDHYA JI.

LAXMI NARAYAN LAHARE said...

उन्हें पता है की कोशिश तो, हम भी यही किया करते हैं,पर क्या करें हम भी, जो ये पन्ने बस दर्द बयां करते हैं॥

सुन्दर ...बहुत -सुन्दर हार्दिक बधाई ...

Neeraj Dwivedi said...

Aabhar lakshmi narayan ji